चाय बेचकर बनाया 100 करोड़ का धंधा ||  chai sutta bar

chai sutta bar kese bana itna bada brand

छोटी-छोटी बात पर पीने वाली चाय, चलते फिरते गपशप करते। जब भी दो लोग एक दूसरे से मिलते हैं तो उन दोनों के बीच बात की शुरुआत चाय से होती है। शहर के कोने-कोने में फैले चाय–सुट्टा बार आज सिर्फ चाय पीने की जगह नहीं रहे, बल्कि युवाओं के मिलने-बैठने, बातें करने और तनाव से दूर रहने का एक खास ठिकाना बन चुके हैं। आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसी कंपनी के बारे में जिसने भारत के हरएक गली नुक्कड़ पर चाय की दुकान होने के बाद 100 करोड़ की कंपनी बना ली|

चाय सुट्टा बार की शुरुआत कैसे हुई?

चाय सुट्टा बार की शुरुआत 2016 मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हुई थी। इसकी शुरुआत करने वाले दो दोस्त अनुभव दुबे या आनंद नायक थे |

अनुभव रेवा शहर में महर्षि विद्या मंदिर में पढ़ते थे। वे वहां 1 से 8 तक पढ़े और फिर इंदौर शिफ्ट हुए। वहा उनकी दोस्ती आनंद से हुई। वे दोनों एक दूसरे से बिजनेस से जुडी बातें किया करते थे|  बारवी पूरी होने के बाद अनुभव सीए की पढाई करने के लिए दिल्ली गई पर उनका मन वहा नहीं लग रहा था। एक दिन जब आनंद का कॉल आता है तब अनुभव अपने घर वालो को बिना कहे इंदौर वापस चला जाता है और आनंद के साथ बिजनेस प्लान करता है | दोनों मार्केट को अच्छे से समझकर कम बजट में होने वाला बिज़नेस ढूंढते हैं। फीर  कुछ दिन के बाद वे चाय की दुकान खोलने का निर्णय लेते हैं|

अनुभव और आनंद ने अपना पहला केफे कहाँ खोला?

अनुभव या आनंद ने अपना पहला केफे एक सिमेंट के गॉडाउंड से शुरू किया। उन्होंने गॉडाउंड को किराए पे लिया। उस दुकान की हालत बड़ी ही खराब थी पर उन्होंने अपने पैसे लगाकर उसे ठीक करना शुरू किया अब तक लगभग 3 लाख रुपये लगा चुके थे पर उस में बहुत काम बाकी था इसलिए उन्होंने बहुत सारे काम खुद किए जैसे सीमेंट लगाना, टेबल सेट करना, दीवार को तोड़ना आदि। ये लोकेशन गर्ल्स हॉस्टल के सामने थी | इस जगह पर यह सोचकर दुकान खोली कि लड़कियों के भिड़ को देखकर लड़के भी चाय पीने आया करेंगे पर ऐसा कुछ नहीं हुआ|

फ्री में कैसे की चाय सुट्टा बार ने अपनी मार्केटिंग ?

शुरुआत में उनके केफे पर लोग नहीं आ रहे थे तब अनुभव और आनंद ने अपने दोस्तों को चाय पीने बुलाया ताकि नकली भीड़ इकट्टी की जाए ताकि लोग ये देखने आए कि आखिर ये कैसी चाय बनाते हैं | इससे लोगों का फुटफॉल बढ़ गया| वे कहीं भी भिड़ वाली जगह पर जाते तो चाय चुट्टा बार की तारीफ करते ताकि लोगों को उसके बारे में जानने को उत्साहित हो | ऐसे वे खुद ही अपनी दुकान की Mouth Branding करने लगे| ऐसा करने को अपने दोस्तों से भी कह दिया| या तक की उन्होंने चाय सुट्टा बार जैसा अनोखा नाम रख कर मार्केटिंग की ओर उन्होंने अपने बोर्ड को खुद रंग से पेंट करके अनोखा रखा |

चाय सुट्टा बार की अब तक की ग्रोथ

चाय सुट्टा बार का साल का टर्नओवर 2025 के डेटा के मुताबिक 150 करोड़ के आस पास है। कुल मिलाकर ब्रांड की नेट वर्थ 500 रु – 700 करोड़ के बीच है। चाय सुट्टा बार में 150 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। जिस्मे FINANCE TEAM, HR , MARKETING और RND TEAM है । RND TEAM में  लगभाग 7 लोगो की टीम है इनका काम चाय को टेस्ट करना व  नई चीज़ों पर रिसर्च करना और उन्हें बेहतर बनाना होता है।

चाय सुट्टा बार के आउटलेट कहाँ-कहाँ हैं?

चाय सुट्टा बार के अब तक 600 से भी ज्यादा आउटलेट चला रहा है। यह आउटलेट दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे, लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद समेत कई प्रमुख शहरों में है| आज Chai Sutta Bar न केवल भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में बल्कि विदेशों जैसे दुबई, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम में भी अपनी पहचान बना चुका है, जो यह दिखाता है कि कैसे एक छोटे से आइडिया से एक बड़ा ब्रांड बना जा सकता है।

Chai Sutta Bar का फ्रेंचाइज़ी मॉडल उन लोगों के लिए बनाया गया है जो कम जोखिम में अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। इस मॉडल के तहत कंपनी अपने ब्रांड नाम, मेनू, ट्रेनिंग, सप्लाई चेन और मार्केटिंग सपोर्ट फ्रेंचाइज़ी पार्टनर को देती है। फ्रेंचाइज़ी लेने वाला व्यक्ति एक तय निवेश के साथ आउटलेट शुरू करता है, जबकि ऑपरेशन की ज़िम्मेदारी उसी की होती है।

निष्कर्ष ( conclusion )

Chai Sutta Bar की कहानी यह सिखाती है कि बड़ा बिजनेस शुरू करने के लिए बड़ा आइडिया नहीं, बल्कि सही सोच और मेहनत चाहिए।

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